आजकल तस्वीरों का सिलसिला यूं चल पड़ा है, मानो ज़िन्दगी जीने का ज़रिया बन गया है। तस्वीर किसी खाजाने से कम थोड़ी ना लगती है। हर तस्वीर आपनी कहानी सुनाती है। कुछ लम्हे यूं ही तस्वीरों में क़ैद कर लेते है। फिर सालों साल उनको देख के याद करते है। पुराने वक़्त में तस्वीर निकलवाना … Continue reading तस्वीर
अकेलापन या अकेला
अकेलापन का मतलब ये नहीं कि आप के साथ कोई नहीं। थोड़ा सोच के देखिए तो समझ आएगा कि अकेलापन क्या होता है। वो जो सब से अलग जाके बैठा है, या वह जो सब के साथ बैठा है। क्यों कि अकेले दोनों ही हो सकते है। अकेलापन उस मेहमान का नाम है जो कभी … Continue reading अकेलापन या अकेला
देहलीज
देहलीज हर घर की हद होती है। पर ये हद सबके लिए एक जैसी नहीं होती है। एक लड़की को ये हद दो बार पार करने की अनुमति मिलती है। पहली बार जब वह शादी करके दूसरे घर जाती है। दूसरी बार जब वह दुनिया से हमेशा के लिए जाती है। अक्सर लोगों को याद … Continue reading देहलीज
तलाश!!!!!!
तलाश करने के फितूर में अक्सर लोग भूल जाते है। जो वह ढूँढ रहे है वह अक्सर उन्हीं के पास मिलता है। जैसे कि दुनिया को देखने वाली आंखों के चस्मे, जो अक्सर सर पर पाई जाती है जब कभी ढूँढो तो। जैसे कि चैन की नींद सुलाने वाली सुकून, जो अक्सर होती तो अन्दर … Continue reading तलाश!!!!!!
जिम्मेदारी
मैंने अक्सर लोगों को कहते सुना है। ज़िम्मेदारी लेना सबसे बड़ा काम होता है। लोग ज़िम्मेदारी क्यों लेते है? जताने के लिए कि वह कितना करते है? या निभाने के लिए कि वह आपको कितना चाहते है? अगर लेना है तो मन से लो वरना मत लो। जिम्मेदारी हमेशा परेशानी के साथ ही क्यों दिखती … Continue reading जिम्मेदारी
Stop✋🚧🛑⛔ and think🤔🤔🤔🤔
We are the loneliest society in human history. If we feel like we are no longer close to anyone on this earth 🌍 that moment makes us feel the loneliest person. We know why one gets these thoughts💭💭💭💭. But the problem ⚠️ is we don't want to show that we are alone. Instead, we pretend … Continue reading Stop✋🚧🛑⛔ and think🤔🤔🤔🤔
Image
People develop their self-image through their interaction with each others.
खूबसूरत
खूबसूरत का अर्थ क्या होता है?आप उस शब्द को कैसे परभाषित करते हो?जो नयनों को भाए, या वह जो मन को भाए।वैसे खूबसूरत तो पल और इंसान दोनों ही होते है।तो सब ज़्यादा खूबसूरत कोन?वो इंसान जो उस पल को खूबसूरत बनाता है,या वह पल जो वह इंसान ख़ुद को खूबसूरत बनाने में लगाता है।वैसे … Continue reading खूबसूरत
बाजार
इस पैसे के बाज़ार में तो सब का मोल भाव होता है।क्यों की यहाँ सब बिकाऊ है, फ़र्क़ बस इतना है किकोई कर्जदार तो कोई लेनदार है।दाम तो सब का लगता है, फ़र्क़ बस इतना है किकिसी का कम तो किसी का ज़्यादा लगता है।चाहे वह कोई सामान हो या फिर किसी इंसान का सम्मान … Continue reading बाजार
लोग कहते है……………..
तो क्या एक लड़की का उसका घर कोई नहीं होता?लोग केहते है कि बेटियों के दो घर होते है।एक मायका और दूसरा सासुराल होता है।बेटी का ना मायका उसका घर कहलता है।ना ही सासुराल उसका घर कहलता है।क्यों की मायका तो पिता का घर कहलाता है।और सासुराल पति का घर कहलाता है।दोनो घरों को वह … Continue reading लोग कहते है……………..